मेरे हिंदी कविता सृजन वन में आपका स्वागत है।
सृजन वन हिंदी साहित्य में अति प्रचलित मुक्त छंद अर्थात मुक्तक का एक अथाह मंडल है।
यहाँ मैं आप सभी के साथ अपनी कृतियाँ साझा करता रहूँगा।
शुभमस्तु।
"जहाँ पर प्यार कम हो वो हसीँ मंज़र नहीं होते,
सरासर खोखले रिश्तों के बूते घर नहीं होते।
मुरलिया थामकर सदियों से जो बैठे हैं मंदिर में,
दिल की आँखों से देखो वो महज़ पत्थर नहीं होते। "